लेखनी कहानी -27-Dec-2021 मेरी डायरी
मेरी डायरी
दिनांक - 27/12/21
दिन - सोमवार
मेरी डायरी में आज अक्टूबर यानी त्यौहारों का मौसम पहले तो, इस समय पूजा पाठ उपवास और मस्ती में ही दिन गुजरता था, पर मेरे एक्सीडेंट के बाद से अब इससे बिल्कुल अलग ही दिन गुजरता है, पहले तो बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था, पर अब तो आदत सी हो गयी है, तो कुछ खास फ़र्क नहीं पड़ता।
मेरी छोटी वाली भाभी अपने मायके में थी, विजयदशमी वाले दिन आने वाली थी, तो मैं दिन गिन रही थी, और जो भईया भाभी धनबाद में रहते है वो लोग आये हुए थे पूजा में, क्योंकि स्कूल की छुट्टी हो गयी थी, तो घर पूरा भरा हुआ था, सब साथ थे बहुत ही अच्छा लग रहा था, फिर विजयदशमी वाले दिन छोटी भाभी आ गयी, और दूसरी वाली भाभी चली गयी, और बड़ी भाभी तो घर पर ही थी, क्योंकि वो रक्षाबंधन वाले दिन ही घर आई थी, उससे पहले अपने मायके में थी, कुल मिला कर ३ भाभी होने का फायदा यह होता है कि, एक जाएं तो दूसरी आ जाती है। 😊
अब पूजा बीत गया था, तो फिर से वहीं अपना रोज़ वाला दिनचर्या शुरू हो गया था, इस तरह से अक्टूबर भी बीत गया।
तो अब फिर मिलते है नवंबर महीने की यादों के साथ, तब तक के लिए अलविदा।
🖋️स्वाती चौरसिया
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PHOENIX
22-Dec-2022 04:53 PM
चलिये इस महिने मे कुछ भी बुरा नही है।
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Renu
31-Mar-2022 07:01 PM
🤗🥰
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Dr. Arpita Agrawal
15-Mar-2022 06:46 PM
अति सुंदर 👌👌
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